• तुम जिंदगी की वो कमी हो..

    जो जिंदगी भर रहेगी....!!

  • सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह …,

    उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह …..!

  • सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें,

    इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना..!

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Practical Thoughts

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School does not test your intelligence, it tests your memory.
Nothing ever stays the same. Be happy no matter what happens, because change is a big part of life.
गुजर जाएगा ये दौर भी ज़रा इत्मीनान तो रख. जब ख़ुशी ही ना ठहरी तो ग़म की क्या औकात है।
जुबान सुधर जाए तो जीवन सुधरने में वक़्त नहीं लगता।
“श्रद्धा” ज्ञान देती है। “नम्रता” मान देती है। “योग्यता” स्थान देती है। तीनों मिल जाएं तो व्यक्ति को हर जगह “सम्मान” देती है।
मैं क्या जानूँ दर्द की कीमत ? मेरे अपने मुझे मुफ्त में देते हैं !
ग़लती’ चीज़ों को अलग तरीके से करने का ढंग मात्र है।
अगर कोई आप पर आँख बंद करके भरोसा करे, तो आप उसका भरोसा तोड़ कर ये एहसास मत करवाओ, कि वो अंधा है।
ना किसी के अभाव में जियो, ना किसी के प्रभाव में जियो। यह जिंदगी है आपकी, अपने स्वभाव में जियो।
जीवन में ऊँचे उठते समय, लोगों से सद्व्यवहार रखें। क्योंकि हो सकता है की अगर आपको नीचे आना पड़ा तो सामना इन्हीं लोगों से होगा।
मौन एक साधना है, और सोच समझ कर बोलना एक कला है …
अगर दो करीब लोगों में कभी लड़ाई या तकरार न हो, तो समझ लेना कि रिश्ता दिल से नहीं, दिमाग से निभाया जा रहा है !
जो व्यक्ति प्रश्न करता है, वह पल भर के लिए अपने को मुर्ख सिद्ध करता है, लेकिन जो व्यक्ति प्रश्न ही नहीं करता वह जीवन भर मुर्ख रहता है !
आप के सामने जो दूसरों की बुराई कर रहा है, आप उससे ये उम्मीद मत रखना, की वह औरों के सामने आपकी तारीफ ही करेगा
मुझे जिंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं, 👉 पर सुना है सादगी में लोग जीने नहीं देते.
अक्सर वही लोग तुम पर ऊंगलीयाँ उठाते जिन्हें तुम्हें छुने की औकात नहीं 👎 होती,,,,,,,,,
*पहाड चढने वाला व्यक्ती* *झुककर चलता है* *और ऊतरने वाला कडक चलता है* *कोई अगर झुककर चल रहा है* *मतलब ऊँचाई पर जा रहा है* *और कोई अकड कर चल रहा है* *मतलब नी चे जा रहा है*
हर इंसान बिकता है इस दुनिया में, कितना महंगा या सस्ता, यह उसकी मजबूरियत तय करती है
If You Trust Someone Then Do not Doubt, And If You Doubt Someone Then Do not Trust .. ..
मिट्टी की दीवारें ही मजबूत होती थी , जब से सीमेंट के घर बनने लगे ,,घर टूटने लगे है ..
Jiska jaisa Charitra hota hai, Uska wesa hi Mitra hota hai.
रुकावटें तो जनाब... ज़िन्दा इन्सान के हिस्से में ही आती हैं... वर्ना... अर्थी के लिए तो... सब रास्ता छोड़ देते हैं..!!
जीवन का एक महत्वपूर्ण सत्य क्रोध और आंधी दोनों बराबर है... शांत होने के बाद ही पता चलता है, की कितना कसान हुआ..
Beautiful things happen when you distance yourself from negativity.
सिमटते जा रहे है दिल और ज़ज्बातों के रिश्ते, सौदा करने में जो माहिर है बस वही कामयाब है !!
Do not compare your progress with that of others. We all need our own time to travel our own distance.
Cheating is a choice, not a mistake.
Sometimes the best way to solve a problem is to just stop caring.
प्रकृति एक और पुस्तक है जिसके रचियता ईश्वर हैं।
मनुष्य का पहला कर्त्तव्य पर्यावरण कि सुरक्षा।
इस अन्तरिक्ष यान “पृथ्वी” में हम सभी यात्री नही हैं, बल्कि चालक हैं। हमें ही यह यान चलाना है और अच्छी तरह से चलाना है।
प्रकृति न रही तो समाज भी नहीं रह पायेगा।
शुक्र है इंसान उड़ नहीं सकता, वर्ना वो आकाश को भी प्रदूषित कर देता।
मनुष्य कि जरूरतें पूरा करने के लिए प्रकृति के पास सब उपलब्ध है, पर उसके लालच के लिए कुछ नहीं।
पृथ्वी स्वस्थ रहेगी तो हम भी स्वस्थ रहेंगे।
देर सवेर, चाहते न चाहते, हमें प्रकृति के अनुचित हस्तक्षेप का दंड भुगतना होगा।
अगर हम प्रकृति को ख़ुशी और खूबसूरती नहीं देंगे, तो वो दिन दूर नहीं जब वो हमें भोजन देना भी बंद कर देगी।
हवा के बाद प्रदुषण हमारे फेफड़ों में जगह लेना शुरू कर देगा।
मैं एक पर्यावरणविद् नहीं पर पृथ्वी का एक सरंक्षक जरुर बन सकता हूँ।
सूर्य, चाँद और तारे सब बहुत समय पहले ख़त्म हो गए होते अगर व मनुष्य कि पहुँच में होते।
कुछ भी अपने आप नहीं होता जैसे प्रदूषण। मानव ही इसका जिम्मेदार है।
पक्षी जगत पर्यावरण का सूचक होता है, अगर वे मुसीबत में हैं तो हमें समझ लेना चाहिए कि हमारे भी वो बुरे दिन दूर नहीं।
संरक्षण मनुष्य और पृथ्वी के बीच सामंजस्य का काम करता है। और प्रकृति का संरक्षण हमारा धर्म है।
प्रकृति हमारी माँ है, उसका सम्मान करो
प्रकृति से खिलवाड़ ना करें, हमारे बच्चों को यहीं जीना है।
रिसाईकल करना सीखें, यह पर्यावरण के लिए एक मदद सामान है।
हरी-भरी पृथ्वी यानि हमारा बेहतर कल।
माता-पिता से प्रेम करते हैं तो पर्यावरण से भी कीजिये।
मैं वादा करता हूँ पर्यावरण के प्रति सच्चा प्रेम रखूँगा।
हमारा पर्यावरण, हमारे हाथ।
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