• तुम जिंदगी की वो कमी हो..

    जो जिंदगी भर रहेगी....!!

  • सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह …,

    उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह …..!

  • सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें,

    इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना..!

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Two 2 Line Shayari Short Poetry

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तू मेरी धड़कन, तेरी रूह, तू अगर हैं, तो मैं हूँ|
ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे, कान लगाकर नहीं, दिल लगाकर सुनो !!
क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तों.. वो लोग ही बिछड़ गए ‘ जो जिंदगी हुआ करते थे|
चेहरे ‘अजनबी’ हो जाये तो कोई बात नही, लेकिन रवैये ‘अजनबी’ हो जाये तो बडी ‘तकलीफ’ देते हैं !
वह मेरा वेहम था की वो मेरा हमसफ़र है। वह चलता तो मेरे साथ था पर किसी और की तलाश में।
हमे क्या पता था, आसमा ऐसे रो पडेगा.., हमने तो बस इन्हें अपनी दास्ता सुनाई थी..!!!
तू घडी भर के लिए मेरी नज़रो के सामने आजा, एक मुद्द्त से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा
मेरी कब्र के पास Wi-Fi जरूर लगाना, क्योंकि मेरे दोस्त इतने कमीने है .. कि Wi-Fi यूज करने के लिए, जरूर मेरे पास आएगे..
Tujhe kitna Kaha Tha ki Mujhe Apna Na Bana.. Ab Muje Chor Key Duniya Mein Tamasha Na Bana..
चारों तरफ़ लकडहारे हैं, फिर भी पेड कहाँ हारे हैं..!
जिस्म उसका भी मिट्टी का है मेरी तरह….! ए खुदा “फिर क्यू सिर्फ मेरा ही दिल तडफता है उस के लिये…!
मंजर भी बेनूर थे और फिजायें भी बेरंग थी… बस तुम याद आए और मौसम सुहाना हो गया…
सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये..!! वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है..!!
तेरा प्यार भी एक हजार की नोट जैसा है, डर लगता है कहीं नकली तो नहीं|
खुद पर भरोसे का हुनर सीख ले.. लोग जितने भी सच्चे हो साथ छोड़ ही जाते हैं|
तुम बदलो तो….कहेते हो मज़बूरीयाँ है बहोत, और हम ज़रा सा बदले तो हम बेवफ़ा हो गए|
चुपचाप चल रहे थे.. हम अपनी मंजिल की तरफ.. फिर रस्ते में एक ठेका पड़ा.. और हम गुमराह हो गए।
मेरी हर बात को उल्टा वो समझ लेते हैं, अब के पूछा तो कह दूंगा कि हाल अच्छा है..
Ye kaisa silsila hai tere aur mere darmiyaan, Faasle toh bahot hain magar mohabbat kam nahi hoti.
तोड़ कर जोड़ लो चाहे हर चीज़ दुनिया की.. सब की मरम्मत मुमकिन है एतबार के सिवा|
तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है, आखरी सास तक तेरा इंतजार करू!
जिनका मिलना मुकद्दर मे लिखा नही होता.. उनसे मुहबत कसम से कमाल की होती है ।।
कैसा सितम है आपका ये, की रोने भी नही देता.. करीब आते नहीं और खुद से जुदा होने भी नहीं देता।
Aayega waqt to dikhayenge unko apny zakham.. Abhi khamosh hain humko bas khamosh rehny do.
Mere saamne kar diye meri tasveer k Tukde-Tukde.. Pata chala mere peechhe wo unhe jod kar bahut Roye..!
बिक रहे हैं ताज महल सड़क-चौराहों पर आज भी.. मोहब्बत साबित करने के लिए बादशाह होना जरुरी नहीं..!!
निकली थी बिना नकाब आज वो घर से मौसम का दिल मचला लोगोँ ने भूकम्प कह दिया
अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा जहाँ लोग मिलते कम झांकते ज़्यादा है
बस तुम्हेँ पाने की तमन्ना नहीँ रही.. मोहब्बत तो आज भी तुमसे बेशुमार करतेँ हैँ.!!
Jab tak bika na tha to koi poochta na tha, Tune mujhe khareed ke anmol kar diya..
गरीब का दर्द सुला दिया माँ ने…ये कहकर..! परियां आएंगी सपनों में रोटियां लेकर..!!
खटखटाए न कोई दरवाजा, बाद मुद्दत मैं खुद में आया हूँ… एक ही शख़्स मेरा अपना है, मैं उसी शख़्स से पराया हूँ|
बुरे हे हम तभी तो जी रहे हे.. अच्छे होते तो दुनिया जीने नही देती..
पंखों को खोल कि ज़माना सिर्फ उड़ान देखता है, यूँ जमीन पर बैठकर, आसमान क्या देखता है|
पता नही कब जाएगी तेरी लापरवाही की आदत… पगली कुछ तो सम्भाल कर रखती, मुझे भी खो दिया|
रोना ही है ज़िन्दगी तो हँसाया क्यो.. जाना था दूर तो नज़दीक़ आया ही कयो..
मोहब्बत न सही मुकदमा कर दे मुज पर … कम से कम तारीख दर तारीख मुलाकात तो होगी ।
सुकून की बातमत कर ऐ दोस्त.. बचपन वाला ‘इतवार’ जाने क्यूँ अब नहीं आता।
Kitna bebas hain insaan kismat ke aage, Har sapna tut jata hain hakikat ke aage…
Zindagi ki haqikat se do char ho, Aksar dil apna hi hum jala lete hai…
Use bewafa bhi kehna mere liye gunha ki baat hai, Bewafa to usko kehte hai jo wafa kar ke chor jate hai…
Kuchh ajab haal hai inn diino tabiyat ka shahab, Khushi khushi naa lage aur gam bura na lage…
तोड़ दो ना वो कसम जो खाई है, कभी कभी याद कर लेने में क्या बुराई है..!!
फिर तेरी याद, फिर तेरी तलव, फिर तेरी बातें, ऐसे लगता है ऐ दिल तुझे मेरा सकून नही आता..!!
ये जो तुम मेरा हालचाल पूछते हो, बड़ा ही मुश्किल सवाल पूछते हो..!!
सुनो, एकदम से जुदाई मुश्किल है, मेरी मानों कुछ किश्तें तय कर लो..!!
जब कागज़ पर लिखा मैंने माँ का नाम, कलम अदब से बोल उठी हो गए चारों धाम..!!
जो आज तेरे पास है वो हमेशा नहीं रहेगा, कुछ दिन बाद तू आज जैसा नहीं रहेगा..!!
क्या ऎसा नहीं हो सकता के हम तुमसे तुमको माँगे, और तुम मुस्कुरा के कहो के अपनी चीजें माँगा नहीं करते..!!
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