• तुम जिंदगी की वो कमी हो..

    जो जिंदगी भर रहेगी....!!

  • सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह …,

    उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह …..!

  • सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें,

    इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना..!

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Two Line Shayari

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दुनिया का उसुल है जबतक काम है तब तक तेरा नाम है वरना दुर से सलाम है….
ज़िंदगी में मोहबत का पौधा लगाने से पहले ज़मीन परख लेना, हर एक मिटटी की फितरत में वफ़ा नहीं होती दोस्तो।
जी करता है तेरे संग भीगू मोहब्बत की बरसात मे, और रब करे.. उसके बाद तुझे इश्क़ का बुखार हो जाए।
जी करता है तेरे संग भीगू मोहब्बत की बरसात मे, और रब करे.. उसके बाद तुझे इश्क़ का बुखार हो जाए।
ना जाने वो कितनी नाराज़ है मुझसे.. ख्वाब में भी मिलती है तो.. बात नहीं करती।
इश्क अभी पेश ही हुआ था इंसाफ के कटघरे में, सभी बोल उठे यही कातिल है.. यही कातिल है।
हाथों की लकीरे पढ़ कर रो देता है दिल, सब कुछ तो है मग़र तेरा नाम क्यूँ नहीं है।
कितने सालों के इंतज़ार का सफर खाक हुआ, उसने जब पूछा.. कहो कैसे आना हुआ।
तमाम नींदें गिरवी हैं हमारी उसके पास, जिससे ज़रा सी मुहब्बत की थी हमनें।
अजीब खेल है ये मोहब्बत का, किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला।
उसने देखा ही नहीं अपनी हथेली को कभी, उसमे हलकी सी लकीर मेरी भी थी।
सच्चा प्यार सिर्फ वो लोग कर सकते हैं,,,, जो किसी का प्यार पाने के लिए तरस चुके हो..
तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है, तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है..!!
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं, पलको को छूते ही सीधा दिल पे असर होता हैं।
सुनो ये बादल जब भी बरसता है, मन तुझसे ही मिलने को तरसता है..!!
मरहम लगा सको तो गरीब के जख्मो पर लगा देना हकीम बहुत है बाजार में अमीरो के इलाज खातिर !!
मैंने अपने ख्वाहिशो को दिवार में चुनवा दिया, खामखाँ जिंदगी में अनारकली बनके नाच रही थी !!
वो कहते हैं हम जी लेंगे खुशी से तुम्हारे बिना, हमें डर है वो टूटकर बिखर जायेंगे हमारे बिना।
ज़िन्दगी ये चाहती है कि ख़ुदकुशी कर लूँ, मैं इस इन्तज़ार में हूँ कि कोई हादसा हो जाए।
मोहब्बत रोग है दिल का इसे दिल पे ही छोड़ दो, दिमाग को अगर बचा लो तो भी गनीमत हो..!!
ख्वाब मत बना मुझे.. सच नहीं होते, साया बना लो मुझे.. साथ नहीं छोडेंगे..!!
आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक, कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक..!!
कुछ हार गयी तकदीर कुछ टूट गए सपने; कुछ गैरों ने बर्बाद किया कुछ छोड़ गए अपने!
Bahut milenge tuJhe Is zamane m wafa k naam pr lutne wale Koii teri zaat ki khatir apni ankhe nm kre use mera salam kehna
कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले; महफ़िलें खुद की सजाते हैं और चचेॅ हमारे करते हैं!
तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में एक बार; दर्द हो तो समझ लेना मोहब्बत अभी बाकी है!
शतरंज खेलते रहे वो हमसे कुछ इस कदर; कभी उनका इश्क़ मात देता तो कभी उनके लफ्ज़!
तूने फूँकों से हटाए हैं पहाड़ों के पहाड़; मेरे तलवे पे लुढ़कता हुआ कंकर है ज़रा उसको हटा दे!
ऐ मेरा जनाज़ा उठाने वालो, देखना कोई बेवफा पास न हो; अगर हो तो उस से कहना, आज तो खुशी का मौका है, उदास न हो!
एक बार उसने कहा था मेरे सिवा किसी से प्यार ना करना; बस फिर क्या था तब से मोहब्बत की नजर से हमने खुद को भी नहीं देखा!
इतना शौंक मत रखो इन इश्क की गलियों में जाने का; क़सम से रास्ता जाने का है आने का नहीं!
जनाजे लौट के आते, तो उनको सबूत मिल जाते; जांबाज लौट के आ गये, ये क्या बदकिस्मती हो गयी!
बंध जाये किसी से रूह का बंधन; तो इजहार ए मोहब्बत को अल्फ़ाज़ों की जरुरत नहीं होती!
दफन सिर्फ छ: फीट के गड्ढे में कर दिया उसे,, ज़मीन जिसके नाम.. कईं करोड़ो में थी. !!*!!
Unhoney Rukhsar Pey Apney Labon k Nishaan Chor Diye,, Humney Mangi Thi Muhabbat Ki Nishani Unsey.
Soch Kar Rakhna Humhari Saltanat Mein Qadam … Humhari Mohobaat Ki Qaid Mein Zamanat Nahi Hoti
Usko Apni pasand banate banate, Humhi Us Ki Pasand Bann Gye.
पूछ लो बेशक परिन्दों की हसीं चेहकार से तुम शफ़क़ की झील हो और शाम का मंज़र हूँ मैं।।
Us waqt intezaar ka aalam na puchiye, Jab koi bar bar kahe, aa raha hoon mein.!
Kuch to Hisaab kro Hum Se… Itni Wafaaen Udhaar Kon Deta hai.??
बहुत शराब,चढाता हुँ रोज, तब जाकर तुम, कहीं उतरती हो..
कुछ बातों के मतलब हैं, और कुछ मतलब की बातें, जब से फर्क समझा, जिंदगी आसान हो गई।
मैं नींद का शोकीन ज्यादा तो नही.. लेकिन तेरे ख्वाब ना देखूँ तो.. गुजारा नही होता..!!
किनारों से मुझे ऐ नाख़ुदा दूर ही रखना.. वहाँ ले कर चलो, तूफ़ान जहां से उठने वाला हैं।
ग़ैरों को भला समझे और मुझ को बुरा जाना.. समझे भी तो क्या समझे जाना भी तो क्या जाना।
चुपचाप गुज़ार देगें तेरे बिना भी ये ज़िन्दगी, लोगो को सिखा देगें मोहब्बत ऐसे भी होती है।
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
अपने वजूद पर इतना न इतरा ए ज़िन्दगी.. वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है!!
शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में, जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।
इश्क का धंधा ही बंद कर दिया साहेब। मुनाफे में जेब जले.. और घाटे में दिल..!
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